Sad Shayari Status In Hindi for WhatsApp – (उदास शायरी)

41. इत्तेफाकन मिल जाते हो
जब तुम राह में कभी,
यूँ लगता है करीब से
ज़िन्दगी जा रही हो जैसे।

42. उसको मालूम है कि
उसके बिना हम टूट जाते हैं,
फिर क्यूं वो आज़माते हैं
हम को बिछड़ बिछड़ कर।

43. चमन में रहने वालों से तो
हम सहरा-नशीं अच्छे,
बहार आके चली जाती है
वीरानी नहीं जाती।

44. ज़ख्म सब भर गए बस एक चुभन बाकी है,
हाथ में तेरे भी पत्थर था हजारों की तरह,
पास रहकर भी कभी एक नहीं हो सकते,
कितने मजबूर हैं दरिया के किनारों की तरह।

45. क्यूँ वो रूठे इस कदर कि मनाया ना गया,
दूर इतने हो गए कि पास बुलाया ना गया,
दिल तो दिल था कोई समंदर का साहिल नहीं,
लिख दिया जो नाम वो फिर मिटाया ना गया।

46. ये दिल भुलाता नहीं है मोहब्बतें उसकी,
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदतें उसकी,
ये मेरा सारा सफर उसकी खुशबू में कटा,
मुझे तो राह दिखाती थी चाहतें उसकी।

47. कुछ रिश्तों को कभी भी नाम ना देना तुम,
इन्हें चलने दो ऐसे ही इल्जाम ना देना तुम,
ऐसे ही रहने दो तुम तिश्नग़ी हर लफ़्ज़ में,
कि अल्फ़ाज़ों को मेरे अंज़ाम ना देना तुम।

48. मंजिल भी उसी की थी रास्ता भी उसका था,
एक हम अकेले थे काफिला भी उसका था,
साथ साथ चलने की कसम भी उसी की थी,
और रास्ता बदलने का फैसला भी उसका था।

49. हमसे पूछो किसीको खोने का ग़म क्या होता है,
हँसते हँसते रोने का दर्द क्या होता है,
खुदा उसी से क्यों मिला देता है हमें,
जिसका साथ किस्मत में नहीं होता है।

50. उड़ता हुआ गुबार सर-ए-राह देख कर,
अंजाम हमने इश्क़ का सोचा तो रो दिए,
बादल फिजा में आप की तस्वीर बन गए,
साया कोई ख्याल से गुजरा तो रो दिए।

51. कोई हँसे तो तुझे ग़म लगे खुशी न लगे,
ये दिल की लगी थी दिल को दिल्लगी न लगे,
तू रोज उठ कर रोया करे चाँदनी रातों में,
खुदा करे कि तेरा भी मेरे बिना दिल न लगे।

52. एक हसरत थी सच्चा प्यार पाने की,
मगर चल पड़ी आँधियां जमाने की,
मेरा ग़म तो कोई ना समझ पाया,
क्यूंकि मेरी आदत थी सबको हँसाने की।

53. आँसुओं से जिनकी आँखें नम नहीं,
क्या समझते हो कि उन्हें कोई गम नहीं?
तड़प कर रो दिए गर तुम तो क्या हुआ,
गम छुपा कर हँसने वाले भी कम नहीं।

54. चाँदनी बन के बरसने लगती हैं
तेरी यादें मुझ पर,
बड़ा ही दिलकश मेरी
तनहाइयों का मंज़र होता है।

55. ये शाम बहुत तनहा है मिलने की भी तलब है,
पर दिल की सदाओं में वो ताकत ही कहाँ है,
कोशिश भी बहुत की और भरोसा भी बहुत था,
मिल जायें बिछड़ कर वो किस्मत की कहाँ है।

56. दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला,
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला,
तेरे होते हुए आ जाती थी दुनिया सारी,
आज तनहा हूँ तो कोई नहीं आने वाला।

57. तपिश से बच कर घटाओं में बैठ जाते हैं,
गए हुए की सदाओं में बैठ जाते हैं,
हम अपनी उदासी से जब भी घबराये,
तेरे ख़याल की छाँव में बैठ जाते हैं।

58. ऐ नए साल बता कि तुझमें नया क्या है,
हर तरफ खल्क ने क्यूँ शोर मचा रखा है।
तू नया है तो दिखा, सुबह नई शाम नई,
वर्ना इन आँखों ने देखे हैं ऐसे साल कई।

59. मजबूरी में जब कोई किसी से जुदा होता है,
ये तो ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में जुदाई के आँसू,
तन्हाई में वो आपसे भी ज्यादा रोता है।

60. हर एक बात पर वक़्त का तकाजा हुआ,
हर एक याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ,
सुना करते थे ग़ज़लों में जुदाई की बातें,
खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ।

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